कोविड महामारी और उसके बाद का दौर ऐसा था कि शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई. लेकिन अब पिछले एक साल से सेंसेक्स और निफ्टी उम्मीद के अनुसार नहीं चढ़ पाया. साल 2025 के दौरान सोने में जबरदस्त तेजी देखी गई और निवेशकों ने शेयर बाजार से पैसा निकालकर गोल्ड में लगा दिया. यूक्रेन जंग के डेढ़ महीने पहले जब अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग शुरू हुई तो सेंसेक्स और निफ्टी गिरकर रिकॉर्ड लो लेवल पर आ गया. गिरावट से गुजर रहे बाजार से कुछ निवेशकों ने पिछले एक साल के दौरान मुंह भी मोड़ लिया.
यही कारण है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY 2026) निराशाजनक रहा. इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि एक साल के दौरान करीब 35 लाख एक्टिव इनवेस्टर बाजार से बाहर हो गए. पिछले तीन साल में यह पहला मौका है जब एक्टिव इनवेस्टर की संख्या घटी है. यह अब तक की सबसे तेज गिरावट भी बताई जा रही है. NSE के एक्टिव इनवेस्ट के बेस में 7% की एनुअल गिरावट आई है. FY25 में 4.92 करोड़ एक्टिव अकाउंट थे, जो कि FY26 में घटकर 4.58 करोड़ रह गए.
इस पूरे नुकसान का 70% से ज्यादा हिस्सा केवल तीन बड़े डिस्काउंट ब्रोकर्स के कारण हुआ. इन तीनों के कुल मिलाकर 26 लाख अकाउंट बंद हुए. इस मामले में Zerodha सबसे आगे रहा. Zerodha ने 9.95 लाख एक्टिव इनवेस्टर खोएं हैं, जो कुल गिरावट का 29% है. Angel One ने 8.15 लाख और Upstox में 7.6 लाख खातों की गिरावट आई है.
अलग-अलग प्लेटफॉर्म को हुआ नुकसान
35 लाख एक्टिव इनवेस्टर के अलग होने का नुकसान दूसरे प्लेटफॉर्म को भी हुआ है. Mirae Asset Capital Markets ने करीब 2.72 लाख अकाउंट खोए. जबकि HDFC Securities और Sharekhan को करीब सवा-सवा लाख खातों का नुकसान हुआ है. मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal Financial Services) को 1.13 लाख, कोटक सिक्योरिटीज ने 1.1 लाख और 5paisa Capital ने 90,000 से ज्यादा एक्टिव निवेशक खोए हैं.
गिरावट का कारण क्या है?
बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं. डेरिवेटिव्स (फ्यूचर्स और ऑप्शंस) सेगमेंट में उठाए गए कदम, बाजार में बढ़ रही अस्थिरता और कम एक्टिव रिटेल निवेशकों का बाहर जाना अहम कारण है. कई छोटे निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव को देखकर भी ट्रेडिंग छोड़ रहे हैं.
कुल हिस्सेदारी में गिरावट आई है, लेकिन कुछ पारंपरिक और नए ब्रोकर मार्केट शेयर बढ़ाने में कामयाब रहे. ICICI Securities की हिस्सेदारी 3.96% से बढ़कर 4.57% हो गई. SBI Securities भी 1.99% से बढ़कर 2.55% पहुंच गया. Kotak Securities पहले वाले लेवल पर ही बनी हुई है.
source - zee news
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